
झारखण्ड की राजनीति को मिली कल्पना की उड़ान
राजनीति जितनी सुनने में आसान लगती है करना उतना ही मुश्किल होता है. पैनी नज़र गहरी शोंच और अपने राज्य की पृष्ठभूमि पर अच्छी पकड़ एक अच्छे राजनेता का परिचय होता है | लोक सभा चुनाव 2024 हर मायने में अप्रत्याशित नज़र आ रहा है ,चाहे बात विपक्ष की करें या पब्लिक के रुझान की या फिर भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव प्रचार की और साथ ही कुछ ऐसे चेहरे जिन्होंने राजनीति में क़दम रखते ही एक नया भूचाल ला दिया|
आज हम बात करेंगे 2024 के लोक सभा चुनावों में झारखंड की राजनीति में जन्में एक ऐसे नाम की जिसने राजनीति में क़दम रखते ही अपनी धमक और पहचान छोड़ दी हम बात कर रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन की.
झारखंड मुक्ति मोर्चा यह मानती है कि संकट में पार्टी के लिए अमूल्य संपत्ति के तौर पर कल्पना सोरेन सामने आयी है ,जिन्होंने न सिर्फ़ पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कमी को पूरा किया बल्कि राज्य की जनता के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है|
अब बात अगर कल्पना सोरेन की राजनीतिक दक्षता कि करे वो साफ़ उनकी भाषा में उनकी प्रस्तुति में और जनता के दिल में जगह बनाने की कला में नज़र आता है भाषाई पकड़ और आत्मविश्वास से लबरेज़ उनके भाषण आज सुर्खियां बटोर रही है|
हर मुश्किल वक़्त में साथ देने वाली अर्धांगिनी एक समझदार गृहणी ,सशक्त महिला और अब एक राजनेता के रूप में कल्पना सोरेन अपने आप को हर जगह मज़बूती से रख रही है.
ये तो तय है कि झारखंड की राजनीति को एक नया चेहरा और विकल्प मिला है, लोक सभा चुनाव 2024 में जिस तरीक़े से कल्पना सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा को मुश्किल वक़्त में एक मज़बूत ढाल की तरह संभाला है ,वो साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कल्पना शोरे पार्टी का चेहरा होंगी और राजनीतिक मैदान में दहाड़ती हुई नज़र आएंगी|
अब सबको इंतज़ार है चार जून का जहाँ सबकी निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि राजनीति के इस मैदान में , अपने राजनीतिक जीवन का पहला मैच जो उन्होने गांडे उपचुनावों से खेली है उसका परिणाम क्या होगा?