अस्पताल परिसर में भाजपा के धरने पर स्वास्थ्य मंत्री का फूटा गुस्सा  
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अस्पताल परिसर में भाजपा के धरने पर स्वास्थ्य मंत्री का फूटा गुस्सा  

रिपोर्ट रांची डेस्क 

राज्यभर में भाजपा के कार्यक्रमों को लेकर मचा विवाद, मंत्री बोले अस्पताल राजनीति का मंच नहीं

रांची। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अस्पताल परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किये गये धरना-प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या प्रदर्शन पूरी तरह अस्वीकार्य है। मंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और जनविरोधी बताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

अस्पताल कोई राजनीतिक जगह नहीं है

डॉ. अंसारी ने कहा कि अस्पताल जनसेवा और इलाज का केंद्र है, न कि राजनीति करने का मंच। भाजपा की इस राजनीति का नुकसान उन मरीजों को उठाना पड़ा जो इलाजरत थे। शोरगुल और अव्यवस्था से उनका उपचार प्रभावित हुआ, जिससे कई को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

अप्रिय घटना का प्रदर्शनकारी जिम्मेदार

उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि घटना की पूरी जिम्मेदारी तय की जाए और यदि प्रदर्शन के कारण किसी मरीज की मृत्यु या इलाज में बाधा आती है, तो इसके लिए संबंधित प्रदर्शनकारी जिम्मेदार होंगे। मंत्री ने प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिया है कि भविष्य में किसी भी अस्पताल परिसर में राजनीतिक सभाएँ या विरोध प्रदर्शन ना होने पाएं।

सुविधाओं की कार्य तेजी से चल रही है

चाईबासा की हालिया घटना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क किया था। उन्होंने बताया कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और जनहितकारी बनाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार, औषधि आपूर्ति और चिकित्सकों की तैनाती को लेकर तेजी से कार्य चल रहा है।

अस्पताल को राजनीतिक से दूर रखें

डॉ. अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य जनता की सेवा और उपचार है। इस तरह की राजनीतिक गतिविधियों से न केवल सेवाएँ बाधित होती हैं, बल्कि मरीजों के जीवन को भी खतरा पैदा होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए अस्पतालों को राजनीति से दूर रखेंगे।

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