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घाटशिला उपचुनाव में झामूमो का उम्मीद बना माले

रिपोर्ट:रांची डेस्क 

रांची घाटशिला उपचुनाव में राजनीतिक समीकरण गरमाते दिख रहे हैं। हाल ही में भाकपा माले लिबरेशन ने झामुमो के उम्मीदवार सोमेश सोरेन का समर्थन करने का ऐलान किया है। पार्टी महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने भाजपा के ‘डबल इंजन राज’ में फैले भ्रष्टाचार, लूट और बेरोजगारी को जनता के लिए संकट बताया और भाजपा को करारी हार का संदेश देने की अपील की है। माले की ओर से यह समर्थन झामुमो के लिए एक बड़ी संजीवनी माना जा रहा है जो चुनावी मैदान में उनकी संभावनाओं को मजबूत कर सकता है।

वहीं, भाजपा ने इस गठजोड़ पर तंज कसते हुए कहा है कि झामुमो अब सीपीआई के सहारे चुनाव जीतने का सपना देख रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने प्रशासनिक तंत्र के कथित दुरुपयोग की बात उठाई और दावा किया कि भाजपा पूरी ईमानदारी से जनता के बीच है तथा उनकी जीत पक्की है। भाजपा का यह भी कहना है कि जनता भाजपा को मौका देगी जबकि माले-झामुमो गठजोड़ की राह रोकने को तैयार है।

बाबूलाल सोरेन उम्मीदवार

घाटशिला विधानसभा सीट पर इस उपचुनाव में भाजपा ने बाबूलाल सोरेन को विधानसभा उम्मीदवार बनाया है जबकि झामुमो ने दिवंगत रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन को मैदान में उतारा है। पिछले 20 सालों में यह सीट अधिकांशतः झामुमो का मजबूत किला रही है। इस बार माले का समर्थन झामुमो के लिए एक निर्णायक ताकत बन सकता है। चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, मतदान 11 नवंबर 2025 को होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी।

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि घाटशिला उपचुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती मिलने वाली है। माले-झामुमो गठबंधन की ताकत और भाजपा की पूरी ताकत के बीच मुकाबला जनता के फैसले पर निर्भर करेगा। इस उपचुनाव को लेकर राजनीति का तापमान बढ़ चुका है और चुनाव परिणाम से राज्य की राजनीति पर प्रभाव पड़ेगा।

इस चुनाव को लेकर प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

– भाकपा माले लिबरेशन ने आधिकारिक तौर पर झामुमो उम्मीदवार सोमेश सोरेन को समर्थन दिया है।

– माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने भाजपा पर भ्रष्टाचार, लूट और बेरोजगारी फैलाने का आरोप लगाया है।

– भाजपा ने प्रशासनिक दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए अपनी जीत का दावा किया है।

– भाजपा ने बाबूलाल सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जो चंपाई सोरेन के पुत्र हैं।

– कुल 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में, मतदान 11 नवंबर और मतगणना 14 नवंबर को।

– घाटशिला सीट पर झामुमो का प्रभाव लगातार रहा है, भाजपा पिछली बार 2014 में एक बार जीती है।

 

इस प्रकार घाटशिला उपचुनाव में राजनीतिक दलों के बीच संग्राम चरम पर है और जनता के मतदान से तय होगा कि वे किसे विजेता बनाती हैं।

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