JPSC-JSSC आंदोलन: भूख हड़ताल के दूसरे दिन बोले देवेंद्र नाथ महतो- ‘शरीर कमजोर हो सकता है, न्याय की आवाज नहीं’
रांची: JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के दूसरे दिन शारीरिक कमजोरी महसूस हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय दिलाने का उनका संकल्प पहले से अधिक मजबूत है।
देवेंद्र नाथ महतो ने अपने पोस्ट में लिखा कि 5 जुलाई से शुरू हुआ संघर्ष और 25 जुलाई से जारी दिवा-रात्रि सत्याग्रह अब एक कठिन पड़ाव पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि शरीर में कमजोरी है और कदम भारी हैं, लेकिन न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
‘यह लड़ाई लाखों युवाओं के भविष्य की है’
अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य का है। उन्होंने लिखा कि यह उन सभी छात्रों की लड़ाई है, जिन्होंने वर्षों की मेहनत, अपने सपनों और परिवार की उम्मीदों को प्रतियोगी परीक्षाओं के भरोसे रखा है।
शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों से अपील की कि वे आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और अनुशासित बनाए रखें। उन्होंने कहा कि छात्रों का विश्वास, समर्थन और उनकी आवाज ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।
‘भूख शरीर को कमजोर कर सकती है, न्याय की आवाज को नहीं’
अपने संदेश के अंत में उन्होंने लिखा, “भूख शरीर को कमजोर कर सकती है, लेकिन न्याय के लिए उठी आवाज़ को नहीं।”
गौरतलब है कि JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले छात्र कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़े – JPSC-JSSC आंदोलन को मिला अभिजीत दीपके का समर्थन, स्वास्थ्य ठीक होते ही झारखंड आने का किया ऐलान
