रक्षाबंधन पर 9 साल की कायरा की अनोखी पहल, बेजुबानों को राखी बांधकर दिया सुरक्षा और संवेदना का संदेश……..
रिपोर्ट :- राँची डेस्क……
राँची : रक्षाबंधन को आमतौर पर भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के त्योहार के रूप में मनाया जाता है, लेकिन रांची की महज नौ साल की कायरा मिश्रा इस त्योहार को बेजुबान जानवरों के लिए संवेदना और सुरक्षा का संदेश देने का माध्यम बना रही हैं।

सेंट माइकल्स स्कूल, रांची की कक्षा पांच की छात्रा कायरा पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन के मौके पर बेजुबान जानवरों को रक्षा सूत्र बांधती आ रही हैं। उनका मानना है कि जानवर भी हमारे समाज और आसपास के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके साथ भी प्यार, संवेदना और सुरक्षा का व्यवहार होना चाहिए।
घर में 12 से 15 रेस्क्यू किए गए जानवर
कायरा के परिवार का बेजुबानों के प्रति लगाव केवल रक्षाबंधन तक सीमित नहीं है। उनके घर में करीब 12 से 15 रेस्क्यू किए गए जानवर रहते हैं। उनके माता-पिता ने अलग-अलग परिस्थितियों में घायल और जरूरतमंद जानवरों को बचाकर अपने घर में जगह दी है।

इनमें कुछ ऐसे जानवर भी हैं जिन्हें गंभीर चोटें आई थीं। किसी की कमर टूट गई थी, तो किसी की जान बचाने के लिए तत्काल देखभाल की जरूरत थी। आज ये सभी उनके परिवार का हिस्सा हैं। इनमें कुत्ते और बिल्लियां शामिल हैं। परिवार ने कुछ पक्षियों को भी कभी अपने घर में आश्रय दिया था, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी परिवार के साथ जुड़ी हुई हैं।
खुद करती हैं जानवरों की देखभाल
कायरा इन रेस्क्यू किए गए जानवरों के साथ समय बिताने के साथ-साथ उन्हें खाना खिलाती हैं और उनकी देखभाल भी करती हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें दवाइयां देने में भी मदद करती हैं।
कायरा का कहना है कि ये कम्युनिटी एनिमल्स हैं, जो हमारे समाज और आसपास के वातावरण का हिस्सा हैं। इसलिए इनके प्रति क्रूरता नहीं, बल्कि प्यार और संवेदना का भाव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कायरा की खास अपील
इस रक्षाबंधन पर कायरा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी बेजुबान जानवरों की सुरक्षा को लेकर खास अपील की है। कायरा चाहती हैं कि जानवरों के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए ऐसा प्रभावी कानून और व्यवस्था बनाई जाए, जिससे बेजुबानों के साथ अत्याचार करने से पहले लोग कई बार सोचें।
राखी के जरिए दिया बड़ा संदेश
कायरा की पहल छोटी जरूर है, लेकिन इसका संदेश बेहद बड़ा है। उनके लिए राखी सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का धागा नहीं, बल्कि उन जानवरों की सुरक्षा का संकल्प है, जो अपनी तकलीफ खुद शब्दों में बयां नहीं कर सकते।

रक्षाबंधन पर कायरा का यह संदेश समाज के लिए भी एक सीख है। बेजुबानों से प्यार करें, उनकी मदद करें और उनके साथ क्रूरता नहीं, इंसानियत का व्यवहार करें।
