JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की
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JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि राज्य में नौकरियां खुलेआम बेची गईं और यह झारखंड के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है।

‘नेपाल, बिहार और बंगाल ले जाकर रटवाए गए प्रश्न’

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि दलालों ने अभ्यर्थियों को नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल ले जाकर 135 से 150 प्रश्न रटवाए, जिनमें से करीब 120 प्रश्न परीक्षा में हूबहू पूछे गए। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा के दौरान इंटरनेट सेवा बंद कर इस कथित धांधली को अंजाम दिया गया।

JSSC पर भी लगाए गंभीर आरोप

मरांडी ने आरोप लगाया कि पैसों के लेन-देन की वजह से JSSC ने 26 हजार आचार्य भर्ती परीक्षा का परिणाम एक साथ जारी नहीं किया, बल्कि उसे अलग-अलग चरणों में प्रकाशित किया।

CID जांच पर भी उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि CID की तत्कालीन अधिकारियों संध्या रानी और निधि पांडेय की शुरुआती जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, जिसकी पुष्टि पुरानी डायरी से होती है। उनका आरोप है कि सच्चाई दबाने के लिए सरकार ने जांच टीम बदल दी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने मनोज कौशिक को CID का ADG नियुक्त किया, जिन्होंने हाईकोर्ट में गलत हलफनामा दायर किया। मरांडी ने दावा किया कि हजारीबाग के एसपी रहते हुए मनोज कौशिक पर कोयले के अवैध कारोबार से जुड़े आरोप लगे थे और उनकी ACB जांच अब तक लंबित है।

‘यह झारखंड के भविष्य की लड़ाई’

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को हर पांच साल में जनता के बीच जवाब देना पड़ता है, लेकिन यदि पैसे देकर नौकरियां हासिल करने वाले लोग सरकारी सेवा में पहुंचेंगे तो अगले 30 वर्षों तक राज्य की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने झारखंडवासियों से छात्र आंदोलन का तन, मन और धन से समर्थन करने की अपील की।

सरकार से की तीन प्रमुख मांगें

बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं—

JPSC और JSSC के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और सचिव को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
सभी दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उनकी अविलंब गिरफ्तारी की जाए।
पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए।

गौरतलब है कि JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य में छात्र आंदोलन जारी है। मामले की जांच CID कर रही है, जबकि विपक्ष लगातार इसकी CBI जांच की मांग उठा रहा है।

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