झारखंड में खराब प्रदर्शन करने वाली पैथोलॉजी एजेंसियों पर कार्रवाई, सेवाएं होंगी समाप्त
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के जिला अस्पतालों में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी सेवाओं की गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा करने का फैसला लिया है। खराब प्रदर्शन करने वाली एजेंसियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी, जबकि जिन अस्पतालों में सरकारी जांच सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध हो चुकी हैं, वहां पीपीपी मॉडल पर संचालित पैथोलॉजी सेवाएं भी बंद की जाएंगी।
यह निर्णय गुरुवार को झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) की 19वीं बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक में जनस्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, चिकित्सा सेवाओं, बुनियादी ढांचे, दवा खरीद और स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े कुल 32 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा हुई।
पैथोलॉजी सेवाओं की होगी गहन समीक्षा
बोर्ड ने निर्णय लिया कि राज्यभर में पीपीपी मॉडल पर संचालित डायग्नोस्टिक एवं पैथोलॉजी सेवाओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। जिन एजेंसियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उनके अनुबंध समाप्त किए जाएंगे। वहीं, जिन जिला सदर अस्पतालों में पर्याप्त सरकारी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां निजी एजेंसियों की सेवाएं भी चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएंगी।
सहिया को स्कूटी, स्वास्थ्य कर्मियों को लैपटॉप देने का प्रस्ताव
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए कई नए प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। सहिया कार्यकर्ताओं को स्कूटी और वर्दी (बंडी) उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों को लैपटॉप तथा सहिया के लिए टैब खरीदने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के पास भेजा जाएगा।
बोर्ड के पुनर्गठन और आउटसोर्स कर्मियों की होगी समीक्षा
बैठक में JMHIDPCL बोर्ड के पुनर्गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। संस्थान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 20 नए पदों के सृजन की अनुशंसा की गई। साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवाओं की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। जहां उनकी आवश्यकता नहीं होगी, वहां संबंधित कर्मियों को एजेंसी के माध्यम से वापस भेजा जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, उप सचिव ध्रुव प्रसाद, संयुक्त निदेशक रीतू सहाय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
