2154 असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामला: झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC से मांगी प्रगति रिपोर्ट, 10 सितंबर को अगली सुनवाई
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के विश्वविद्यालयों में नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तलब की है। रांची विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों में लंबे समय से संविदा के आधार पर नियुक्तियां किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्देश दिया।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान जेपीएससी का पक्ष सुना और आयोग को नियुक्ति प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति से संबंधित शपथपत्र (एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता अभय प्रकाश ने अदालत को बताया कि झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) आयोजित की जा चुकी है, लेकिन अभी उसका परिणाम जारी नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि मॉडल आंसर-की जारी करने और अभ्यर्थियों से आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच सीआईडी द्वारा जांच शुरू किए जाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई और आगे की कार्रवाई फिलहाल लंबित है।
वहीं, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने न्यायालय में पक्ष रखा।
गौरतलब है कि अनिकेत ओहदार एवं अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि रांची विश्वविद्यालय सहित राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में वर्षों से नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके बजाय संविदा के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं, जो निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।
अब इस मामले में सभी की निगाहें 10 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई और जेपीएससी की ओर से दाखिल की जाने वाली प्रगति रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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