भारी बारिश भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं का उत्साह, जगन्नाथ मेला के छठे दिन उमड़ी हजारों भक्तों की भीड़
बारिश के बीच भी मेले में रही रौनक बरकरार, 360° झूला, पारंपरिक व्यंजन और तकनीकी खिलौने बने लोगों की पहली पसंद
रांची : लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। जगन्नाथ मेला के छठे दिन भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर देखने को मिला। खराब मौसम के बावजूद दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंचे। मेले में उमड़ रही भीड़ को देखकर यह साफ है कि लोगों की आस्था पर बारिश का कोई असर नहीं पड़ा है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मेले में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक दिखाई दे रही है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे मेला परिसर में रौनक बनी हुई है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों में मेले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
मेले में विभिन्न प्रकार के झूले, मनोरंजन के साधन और स्वादिष्ट व्यंजन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इस वर्ष मिक्सचर राउंडर और 360° झूला लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। इन झूलों का आनंद लेने के लिए युवाओं और बच्चों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
वहीं, पारंपरिक व्यंजनों में बालूशाही, खाजा और अन्य मिठाइयों की दुकानों पर भी श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। इसके अलावा इस वर्ष बाजार में आधुनिक और तकनीकी खिलौनों की भी भरमार है, जिन्हें बच्चे और युवा काफी पसंद कर रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस बार पारंपरिक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स की मांग सबसे अधिक है। श्रद्धालु इन्हें बड़ी संख्या में खरीद रहे हैं, जिससे व्यापारियों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
व्यापारियों के लिए भी यह मेला लाभदायक साबित हो रहा है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार न केवल श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है, बल्कि खरीदारी भी पहले से कहीं ज्यादा हो रही है।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जगह-जगह पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मौसम लगातार करवट बदल रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। अब सभी की निगाहें 25 जुलाई 2026 को होने वाले घूमती रथ पर टिकी हैं, जिसका श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
