सरायकेला में “रन फॉर गजराज” दलमा मैराथन का भव्य आयोजन, वन्य प्राणी संरक्षण का दिया गया सशक्त संदेश
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सरायकेला में “रन फॉर गजराज” दलमा मैराथन का भव्य आयोजन, वन्य प्राणी संरक्षण का दिया गया सशक्त संदेश

 

रिपोर्ट:-रांची डेस्क••••••

सरायकेला, 5 अक्टूबर 71वें वन्य प्राणी सप्ताह के उपलक्ष्य में रविवार को सरायकेला वन प्रमंडल और टाटा स्टील जूलॉजिकल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में रन फॉर गजराज – दलमा मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। यह मैराथन दौड़ न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित करने वाली रही, बल्कि लोगों को हाथियों व अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण का महत्त्वपूर्ण संदेश भी दिया।  

 सुबह हुई दौड़ की शुरुआत 

सुबह के समय शहरबेड़ा स्थित फुटबॉल मैदान से मैराथन की शुरुआत हुई। प्रतिभागियों ने दलमा पहाड़ के सुंदर तराई क्षेत्रों से होकर दौड़ पूरी की और वापस उसी मैदान पर लौटे, जहां समापन समारोह का आयोजन हुआ। 16 किलोमीटर लंबी इस दौड़ में जिले भर से बड़ी संख्या में धावकों और युवाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं और पुरुषों दोनों वर्गों से उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली।  

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति 

कार्यक्रम का शुभारंभ सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के कर-कमलों से हुआ। डीसी ने अपने संबोधन में कहा, हाथियों के संरक्षण और उनके आवास क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर यह दौड़ एक सशक्त संदेश देती है। वन्य प्राणी हमारे पर्यावरण के संतुलन का अभिन्न हिस्सा हैं, इनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की और आयोजकों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने पर्यावरण संरक्षण जैसी गंभीर विषयवस्तु को खेल के रूप में लोगों तक पहुँचाया।  

वन विभाग ने दिया जागरूकता का संदेश  

जिला वन पदाधिकारी सबा आलम अंसारी ने बताया कि मैराथन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों को हाथियों के संरक्षण से जुड़ी उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। पोस्टरों, बैनरों और घोषणाओं के माध्यम से यह बताया गया कि कैसे मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दलमा हाथी रिजर्व क्षेत्र में निवास करने वाले गजराज हमारे प्राकृतिक पारिस्थितिकी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।  

कार्यक्रम के समापन पर शीर्ष पांच महिला एवं पुरुष विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में और बड़े स्तर पर आयोजित की जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोग वन्य प्राणी संरक्षण के अभियान से जुड़ सकें।  

भविष्य के लिए प्रेरक पहल  

“रन फॉर गजराज” दलमा मैराथन न केवल एक खेल प्रतियोगिता रही, बल्कि वन संरक्षण के प्रति जनसहभागिता को सशक्त करने वाली ऐतिहासिक पहल सिद्ध हुई। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि इंसान और वन्यजीव—दोनों के अस्तित्व का आधार एक-दूसरे पर टिका है, और उनका संतुलन ही पृथ्वी को जीवंत बनाए रखता है। 

 

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