झारखंड विधानसभा के समक्ष भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का आक्रोषपूर्ण प्रदर्शन……..
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झारखंड विधानसभा के समक्ष भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का आक्रोषपूर्ण प्रदर्शन……..

रिपोर्ट :- राँची डेस्क…….

राँची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बैनर तले झारखंड विधानसभा के समक्ष आक्रोषपूर्ण प्रदर्शन किया गया। झारखंड के 24 जिले से 2 दिन पहले से ही हजारों की संख्या में अपने मांगों के समर्थन में लोग रांची पहुंचे हैं।

विधानसभा के समक्ष आए लोगों को संबोधित करते हुए महासचिव डी राजा ने कहा कि झारखंड कॉर्पोरेट घराने के हब बनता जा रहा है। झारखंड के जल जंगल जमीन की लूट के लिए कॉर्पोरेट घराने के लोग बेताब हैं, केंद्र एवं राज्य की सरकार दोनों मिलकर झारखंड की खनिज संपदा को दोहन करने में लगी हुई है, झारखंड बनने के बाद भी बाबा भीमराव अंबेडकर एवं जयपाल सिंह मुंडा जी का प्रतिमा झारखंड विधानसभा में नहीं है, झारखंड बनने के बाद भी आज तक ना तो स्थानीय नीति बना और ना ही नियोजन नीति, राज्य में सारे मिनरल्स है, खदानें कॉरपोरेट हाउसों को दिया जा रहा है। लेकिन सरकार के पास ना तो विस्थापन आयोग है ना ही विस्थापन नीति पूर्व की सरकार ने भूमि बैंक बनकर घर में जरा जमीन की रसीद को बंद कर दिया, हेमंत सोरेन की सरकार जनता से वादा कर पुरा नहीं कर सकि, इसीलिए जनता से किए गए वादे को झारखंड सरकार पूरा करें।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि राज्य सरकार अपने घोषणा पत्र में जो जनता से वादा किया उसे अभी तक पूरा नहीं कर सका, झारखंड लूटखंड में बनता जा रहा है, झारखंड के खनिज संपदा बड़े पैमाने पर लुटा जा रहा है। झारखंड के जमीन पर कॉर्पोरेट घराने की नजर है, इसीलिए कई महीनो से हजारीबाग के गोंदल पूरा में आंदोलन चल रहा है, लगातार अदानी प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं, वही चतरा जिला के सिंगपुर कठौतिया रेलवे लाइन के सवाल पर भी कई महीनो से लड़ाई चल रहा है, पाठक ने कहा झारखंड की सरकार अबीलंब जनता से किए गए वादे को पूरा करें।

दलित अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष भंते जैनेंद्र कुमार ने कहा की झारखंड विधानसभा में बाबा भीमराव अंबेडकर एवं जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा स्थापित करें, राज्य में अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन अभी तक नहीं होना, अनुसूचित जाति के अपमान है, इसीलिए अनुसूचित जनजाति का आयोग अभिलंब बनाया जाए।

पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने लोगों को संबोधित करते हुए झारखंड के जनता से किए गए वादे को पूरा करने की मांग किया, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य पीके पांडे ने मजदूरों से संबंधित ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा की सरकार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को 26000 रुपए न्यूनतम मजदूरी निर्धारण करें, सभा को लखनलाल महतो ए के रशीदी , अनिरुद्ध कुमार, पशुपतिकोल, कन्हाई माल पहाड़िया, रुचिर तिवारी, गणेश सिंह,कृष्णा मेहता, अनिरुद्ध कुमार, डॉक्टर मिथिलेश डांगी, महादेव राम, रामस्वरूप पासवान दीप नारायण यादव, शंभू महली, सोनिया देवी, महादेव राम, अर्जुन यादव, बनवारी साहू अर्जुन कुमार, चंद्रभानु प्रताप संतोष कुमार रजक,चंदेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह,रुचिर कुमार तिवारी, रामजी शाह, निहारिका देवी अर्जुन यादव, नीमन यादव सहित कई लोगों ने संबोधित किया नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा की झारखंड आंदोलनकारी साथियों को ₹50000 प्रतिमा सम्मान पेंशन घर में एक व्यक्ति की नौकरी एवं 10% आरक्षण दिया जाए।
झारखंड विधानसभा मार्च में झारखंड के सभी जिलों से हजारों कार्यकर्ता झंडा डंडा फेस्टून बैनर गगन बेदी तारों के साथ लिखा हुआ, तख्ती के साथ झारखंड विधानसभा पहुंचे लाल झंडा में तब्दील हुआ झारखंड विधानसभा परिसर।

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