
घुसपैठियों को मतदान से रोका जाय, एक चरण मे चुनाव हो, गृह सचिव वंदना डाडेल को चुनाव कार्य से मुक्त रखा जाय…. भाजपा
रिपोर्ट:- रांची डेस्क………
राँची: मुख्य चुनाव आयुक्त एवं उनकी टीम से आज राजनीतिक दलों के नेता मिले और अपनी अपनी बातों को रखा।
इस संदर्भ मे प्रदेश भाजपा की तरफ से प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद एवं विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुधीर श्रीवास्तव को पार्टी के तरफ से पक्ष रखने के लिए अधिकृत किया गया था।
राकेश प्रसाद ने बताया कि भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के समक्ष घुसपैठिये की बात उठाई और कहा कि किसी हाल मे घुसपैठिये मतदान न कर पाएं ये व्यवस्था हो, पाकुड़, राजमहल, बरहेट, महेशपुर, जामताडा, मधुपुर, मंझगाव, विशुनपुर, महगामा, गोड्डा, लोहरदगा, हटिया, मे कई बूथों पर मतदाता 123% तक बढ़ गए जबकि पांच वर्ष मे 15 से 17 % तक वृद्धि होती है , इसकी जांच आवश्यक है।
सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले चुनाव मे जिस प्रकार झंडा, बैनर, घर पर लगाने पर पूरे राज्य मे प्रशासन ने दादागिरी दिखाई थी की पूरे राज्य मे झंडा विहीन चुनाव हुआ तब ये लोकतंत्र का पर्व नहीं बल्कि डर का पर्व बन गया था। घरों मे झंडा के बारे मे इस बार प्रशासन को स्पष्ट निर्देश हो। दिव्यांगों के लिए रैंप, और बूथ पर पानी, शौचालय, आदि की व्यवस्था की मांग की गयी है। चुनाव के दौरान पैसे अगर पकड़े जाएं तो 72 घंटा मे अनुसंधान हो और प्रकाशित हो की किसका पैसा था किस पार्टी का था। विदेशी फंड का कुछ एन जी ओ विशेष पार्टी को मदद करने के लिए खर्च करती है ऐसे एन जी ओ का खाता चुनाव तक फ्रिज करने की मांग की गयी है।
अर्द्ध सैनिक बल की प्रति नियुक्ति का नोडल ऑफिसर आईजी रैंक के अधिकारी से हो ताकि बलों का नियुक्त सही ढंग से हो। बूथ के बाहर जिस प्रकार टेबल रखने पर प्रशासन दबंगई दिखाता है वो बंद हो और बूथ के बाहर टेबल कुर्सी का स्थान का मार्किंग चुनाव आयोग खुद करे।
घोस्ट मतदाता का भी जांच होना जरूरी है।चुनाव एक चरण मे हो इसकी मांग की गयी है क्योंकि अब उग्रवाद की समस्या मे काफी कमी आई है। बूथों पर अतिरिक्त ई वी एम रखने का भी मांग किया गया। बूथ पर अगर कोई मतदाता घायल हो जाए या मृत हो जाए तो उसका पुरा जिम्मेवारी चुनाव आयोग और राज्य सरकार ले क्योंकि मतदाता अपना मत देने चुनाव आयोग के कहने पर जाता है ये मांग भी की गयी।
गृह सचिव वंदना डाडेल का कार्य और व्यवहार पिछले दिनों एक अधिकारी का नहीं बल्कि राजनीतिक पार्टी का कार्यकर्ता ऐसा रहा है उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग किया था की राज्य मे कृषि मंत्री शिव राज सिंह चौहान और असम के मुख्य मंत्री हिमंता विश्वशर्मा के झारखंड आने से तनाव फैल रहा है इसके अलावा पूर्व मे भी वंदना डाडेल ने ई डी को पत्र लिखकर नोटिस की वैधता पूछी थी ,ये सब अधिकारी का काम नहीं है ये राजनीतिक पार्टी का काम है इस कारण वंदना डाडेल को चुनाव कार्य से मुक्त रखने का मांग किया गया है, तभी साफ सुथरा चुनाव हो पाये।