झारखंड में राशन कार्ड पर बड़ा अभियान: 25 अगस्त तक हटेंगे सभी अपात्र लाभुक, नहीं तो रुकेगा अनाज आवंटन
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झारखंड में राशन कार्ड पर बड़ा अभियान: 25 अगस्त तक हटेंगे सभी अपात्र लाभुक, नहीं तो रुकेगा अनाज आवंटन

रांची: झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने गलत तरीके से राशन कार्ड का लाभ ले रहे अपात्र लाभुकों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। विभाग ने सभी जिलों को 25 अगस्त तक अपात्र लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाने का निर्देश दिया है।

विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने इस संबंध में सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा राइटफुल टारगेटिंग (KPI V2) के तहत चिन्हित संपन्न लाभुकों के राशन कार्ड तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।

31 अगस्त के बाद रुक सकता है अनाज का आवंटन

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जिलों द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी नहीं की गई, तो 31 अगस्त के बाद केंद्र सरकार चिन्हित लाभुकों के अनुपात में खाद्यान्न आवंटन (कोटा) रोक सकती है। इसे देखते हुए सभी उपायुक्तों को अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करने और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

फर्जी लाभुकों पर होगी कार्रवाई

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ केवल पात्र परिवारों तक ही पहुंचे। इसके लिए आय और अन्य मानकों के आधार पर अपात्र पाए गए लाभुकों के राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।

शहरी विकास के लिए नगर निकायों को 154 करोड़ रुपये जारी

इधर, राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में नगर निकायों को 154 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की है।

नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी इस राशि का उपयोग सड़क, नाली और अन्य बुनियादी विकास कार्यों पर किया जाएगा।

नगर निगमों में गिरिडीह नगर निगम को सबसे अधिक 4.90 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, जबकि रांची नगर निगम को 3.45 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार का कहना है कि इस राशि से शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

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