झारखंड के रहने वाले सुनील कुमार बने ONGC के नए चैयरमैन……………….
रिपोर्ट : रांची डेस्क
झारखंड के गिरिडीह जिले के रहने वाले सुनील कुमार को ओएनजीसी का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है. खास बात यह है कि पहली बार किसी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को सीधे चेयरमैन पद पर नियुक्त किया गया है. डुमरी निवासी स्वर्गीय नंद कुमार गुप्ता और माता तुलसी देवी के पुत्र सुनील कुमार 7 दिसंबर 2026 से चेयरमैन का पदभार संभालेंगे.
सुनील कुमार के ओएनजीसी के चेयरमैन सह सीईओ बनने पर डुमरी में उनका परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है. पूरे परिवार में जश्न का माहौल है. डुमरी के लोग भी अपने इस लाल की शानदार उपलब्धि से फूले नहीं समा रहे हैं. डुमरी के चौक-चौराहों पर सिर्फ सुनील की उपलब्धि की चर्चा हो रही है.
डुमरी के बेसिक स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा
सुनील कुमार की प्रारंभिक शिक्षा डुमरी में हुई. बेसिक स्कूल डुमरी से कक्षा सात तक और फिर मैट्रिक तक की पढ़ाई केबी हाई स्कूल डुमरी से की. वे 1984 में अपने बैच के स्कूल टॉपर थे. इसके बाद उन्होंने संत कोलंबस कॉलेज, हजारीबाग से आईएससी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की. फिर आईएसएम धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 1991 में असम में ओएनजीसी में पेट्रोलियम इंजीनियर के रूप में अपनी नौकरी की शुरुआत की.
सुनील कुमार की माता तुलसी गुप्ता ने बताया कि जब देश की सबसे प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी ओएनजीसी के चेयरमैन पद पर उनके बेटे की नियुक्ति की खबर मिली तो खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा कि सुनील शुरू से ही अपनी पढ़ाई और दायित्वों के प्रति समर्पित रहा है. उसके काम के प्रति समर्पण का ही प्रतिफल है कि आज उसे देश की सबसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में चेयरमैन का पद मिला है.
परिवार का एक-एक सदस्य खुश
सुनील के चाचा अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि यह खबर केवल उनके परिवार ही नहीं, पूरे जिले और राज्य के लिए गौरव प्रदान करने वाली है. कल से ही रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है. सुनील बचपन से कुशाग्र बुद्धि का था. उसकी मेहनत, ईमानदारी और कर्मठता से सुनहरे भविष्य की झलक मिलती थी. लेकिन कभी आभास नहीं था कि वह सफलता के इस शिखर तक पहुंचेगा. अब जब वह वहां पहुंच गया है तो पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है.
