जामताड़ा के सरकारी स्कूल में 6 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म की कोशिश का आरोप, प्रधानाध्यापक फरार
जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। नारायणपुर प्रखंड के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर छह वर्षीय छात्रा के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगा है। घटना सामने आने के बाद इलाके में लोगों में भारी नाराजगी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है, जबकि बच्ची को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग के लिए भेजा जा रहा है।
परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पीड़िता के पिता ने नारायणपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोमवार को उनकी बेटी रोज की तरह स्कूल गई थी। दोपहर के समय प्रधानाध्यापक ने अधिकांश बच्चों को समय से पहले घर भेज दिया, जबकि तीन छात्राओं को स्कूल परिसर में ही रोक लिया।
छात्रा को कमरे में ले जाकर अशोभनीय हरकत का आरोप
परिजनों के अनुसार, आरोपी प्रधानाध्यापक कथित रूप से छह वर्षीय बच्ची को बहाने से स्कूल के ऊपरी कमरे में ले गया। वहां उसके साथ अशोभनीय हरकत करने और दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि बच्ची के शोर मचाने पर आरोपी उसे छोड़कर वहां से हट गया। साथ ही घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
जब बच्ची दोपहर बाद डरी-सहमी हालत में घर पहुंची, तब परिजनों ने उससे पूछताछ की। इसके बाद उसने पूरी घटना की जानकारी अपने परिवार को दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
घटना के बाद गांव में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपी प्रधानाध्यापक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए नारायणपुर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मुराद हुसैन ने बताया कि आरोपी प्रधानाध्यापक फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित बच्ची को नियमानुसार बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि उसकी काउंसलिंग और आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके। मामले की जांच सभी कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
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