मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 मई से…….
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मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 मई से…….

रिपोर्ट :- रांची डेस्क….

रांची : झारखण्ड राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण यथा “मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना” का क्षेत्र कार्य दिनांक 16 मई, 2026 से प्रारम्भ हो रहा है जो 14 जून 2026 तक संपादित किया जाएगा। वर्तमान समय में तकनीकी प्रगति को ध्यान में रखते हुए यह जनगणना विशिष्ट और उल्लेखनीय है, क्योंकि यह भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें जनगणना आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों के माध्यमों से किया जाएगा। यह परिवर्तन न केवल कार्य को अधिक पारदर्शी और तीव्र बनाएगा, बल्कि आंकड़ों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को भी सुदृढ़ करेगा। विशेष रूप से स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा नागरिकों को सशक्त बनाती है, जिससे वे स्वयं अपनी जानकारी घर बैठे सुरक्षित एवं सहज तरीके से अंकित कर सकते हैं। यह सुविधा झारखण्ड राज्य में दिनांक 1 मई से 15 मई, 2026 की अवधि में स्व-गणना पोर्टल https://se.census.gov.in के माध्यम से उपलब्ध थी। आज दिनांक 15-05-2026 तक शाम की स्थिति के अनुसार राज्य में 1,55,200 परिवारों ने स्व-गणना का कार्य संपादित कर लिया है। राज्य के 24 जिलो में से प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले जिलो में प्रथम रांची 42364, द्वितीय – पूर्वी सिंहभूम 16523 एवं तृतीय- हजारीबाग 9927 रहे जो इन जिलो के नागरिको की जागरूकता को प्रदर्शित करता है ! यह आंकड़े शाम 5 बजे के अनुसार है रात्रि 12 बजे के आंकड़े स्व-गणना के अंतिम आंकड़े होंगे जो कुछ और भी हो सकते है !

16 मई से 14 जून, 2026 की अवधि में प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से 33 प्रश्न पुछेंगे। यह प्रश्न मुख्य रूप से मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा परिसंपत्तियों से संबन्धित होंगे। जनगणना के दौरान प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे, जिससे प्रक्रिया सरल और त्रुटिरहित बनेगी। जनगणना में दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियाँ जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इसे किसी से भी साझा नहीं किया जाता है। टैक्स, पुलिस या जांच में इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसका उपयोग किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता। व्यक्तिगत जानकारी RTI के माध्यम से भी प्राप्त नहीं की जा सकती है। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाएगा।

प्रगणक द्वारा घर-घर जाने की प्रक्रिया के दौरान उत्तरदाता से किसी भी प्रकार के अभिलेख, OTP की मांग नहीं की जाएगी, और न ही कोई लिंक सांझा किया जाएगा। जिन परिवारों ने स्व-गणना किया है, प्रगणक के क्षेत्र भ्रमण के दौरान परिवार द्वारा 11 अंकों का स्व-गणना ID (SE ID) उन्हें दिया जाना है जो कि स्व-गणना कार्य पूर्ण करने पर संबन्धित के मोबाइल एवं ईमेल (यदि दी गई हो) पर प्राप्त हुआ है, ताकि उसे अपने मोबाइल एप में वेलीडेट कर सके। यदि SE ID वेलीडेट नहीं हो पाया है, अथवा किसी परिवार ने स्व-गणना नहीं किया है, तो भी प्रगणक के द्वारा उस परिवार का गणना कार्य पूर्ण किया जाएगा।

जनगणना कार्य में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी फील्ड कर्मचारियों को फोटो युक्त पहचान-पत्र जारी किए गए हैं। राज्य के सभी नागरिकों से अपील है कि वे केवल अधिकृत पहचान-पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी उपलब्ध कराएं।

शहरी क्षेत्रों, बंद घरों वाली कालोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना कार्य को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है। सभी जिला उपायुक्तो एवं नगर निगम आयुक्तों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जिले के अंतर्गत आने वाले आवासीय समितियों और प्रबंधन समूहों को निर्देश जारी करे कि प्रगणकों को प्रवेश मे किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। जिन आवासीय समितियों और प्रबंधन समूहों के द्वारा जनगणना कार्य में बाधा डाली जाएगी, उनपर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत आवश्यक कार्यवाही किए जाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्य में इस कार्य हेतु लगभग 76,000 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा लगाई गई है जिसमें 33 प्रधान जनगणना पदाधिकारी, 250 जिला स्तर के अधिकारी, 319 चार्ज अधिकारी, 58 मास्टर ट्रेनर्स, 1276 फील्ड ट्रेनर्स, 61,042 प्रगणक एवं 10,386 पर्यवेक्षक शामिल हैं।

राज्य में जनगणना 2027 का कार्य 24 जिलो, 51 नगरीय निकाय एवं 264 प्रखंडो के अंतर्गत 32,459 ग्रामों में संपादित कराये जा रहे है! जनगणना कार्य संपादित करने के लिए राज्य में 264 ग्रामीण चार्ज एवं 55 नगरीय चार्ज हैं। इन चार्जों के अंतर्गत लगभग 70,277 मकानसूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं । इन मकानसूचीकरण ब्लॉकों में प्रगणकों के द्वारा घर-घर जाकर मकानसूचीकरण का कार्य संपादित किया जाएगा।

जनगणना 2027 कार्य के लिए जन सामान्य हेतु जनगणना से संबन्धित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1855 स्थापित किया गया है

जनगणना निदेशालय झारखण्ड के निदेशक श्री प्रभात कुमार द्वारा झारखण्ड के नागरिकों से यह अपील की गई है कि वे अपने उत्तम ज्ञान के आधार पर प्रगणक को सही-सही जानकारी दें। नागरिकों द्वारा दी गई सही और पूर्ण जानकारी ही आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी।

भारत की जनगणना 2027 में 34 कॉलम अंतर्गत आने वाले 33 प्रश्न निम्नवत है :-

1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर), 2. जनगणना मकान नंबर, 3. जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, 4. जनगणना मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, 5. जनगणना मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, 6. जनगणना मकान के उपयोग, 7. जनगणना मकान की हालत, 8. परिवार क्रमांक, 9. परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, 10. परिवार के मुखिया का नाम, 11. परिवार के मुखिया का लिंग, 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति /अन्य से संबंधित है, 13. मकान के स्वामित्व की स्थिति, 14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या, 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या, 16. पेयजल का मुख्य स्रोत, 17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता, 18. प्रकाश का मुख्य स्रोत, 19. शौचालय की सुलभता, 20. शौचालय का प्रकार, 21. गंदे पानी की निकासी, 22. स्रानगृह की उपलब्धता, 23. रसोईघर और एलपीजी / पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन, 25. रेडियो/ट्रांजिस्टर, 26. टेलीविजन, 27. इंटरनेट सुविधा, 28. लैपटॉप/कंप्यूटर, 29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन, 30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, 31. कार/जीप/वैन, 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज, 33. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संसूचना के लिए

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