बिहार में कूरियर से भेजी जा रहीं नकली और नशीली दवाएं, पटना की 12 कंपनियां ड्रग विभाग के रडार पर………………………
रिपोर्ट : रांची डेस्क
पटना: बिहार में नकली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार को लेकर औषधि नियंत्रण विभाग सतर्क हो गया है। कूरियर के माध्यम से दवाओं की सप्लाई किए जाने के मामले सामने आने के बाद विभाग ने जांच और छापेमारी तेज करने की तैयारी की है। पटना से लेकर राज्य के अन्य जिलों तक फैले इस नेटवर्क की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए मामलों के अनुसार, दूसरे राज्यों से कूरियर के माध्यम से प्रतिबंधित दवाएं मंगाकर उन्हें बिहार के अलग-अलग जिलों में पहुंचाया जा रहा था। अप्रैल 2025 में पटना के वाचस्पति नगर में हुई छापेमारी के दौरान करीब 12 लाख रुपये की प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई थीं। इसके बाद ड्रग विभाग ने अवैध सप्लाई नेटवर्क की जांच के लिए विशेष टीम गठित की थी।
नकली दवाओं के कारोबार पर भी कार्रवाई
पटना में फरवरी 2026 में रामकृष्णा नगर इलाके में एक अवैध दवा निर्माण इकाई का भी भंडाफोड़ हुआ था। कार्रवाई के दौरान कथित नकली दवाओं के साथ रैपर, लेबल और दवा बनाने वाली मशीनें जब्त की गई थीं। इस मामले में परिसर को सील कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
12 कंपनियां जांच के दायरे में
पटना की 12 कंपनियों के ड्रग विभाग के रडार पर होने की खबर के बीच संबंधित प्रतिष्ठानों की भूमिका, दवाओं के स्रोत और उनकी सप्लाई के नेटवर्क की जांच अहम मानी जा रही है। हालांकि, इन कंपनियों के नाम और उनके खिलाफ कार्रवाई की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।
मरीजों की सेहत से खिलवाड़ का खतरा
नकली या प्रतिबंधित दवाओं का इस्तेमाल मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में दवाएं खरीदते समय लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदारी करना, बिल लेना और संदिग्ध दवाओं की सूचना औषधि नियंत्रण विभाग को देना जरूरी है।
